उच्छिष्ट चंडालिनी मंत्र

उच्छिष्ट चंडालिनी मंत्र
मंत्र -
--
मातंगी मातंगी मतंग
की पुत्री शंकर की
प्यारी बाणी दोष काटे
शत्रु नासे गूढज्ञान लावे
आगम निगम बतावे
शय्या सुख दिलावे जो
न करे ऐसा तो शिव
भोले की दुहाई ॥
उच्छिष्ट चांडालिनी (जिन्हें मातंगी देवी का एक रूप माना जाता है) की साधना तंत्र शास्त्र में अत्यंत प्रभावशाली और शीघ्र फलदायी मानी गई है। इनके मंत्रों का प्रयोग मुख्य रूप से वाक-सिद्धि, शत्रु बाधा निवारण, और जीवन के समस्त सुखों की प्राप्ति के लिए किया जाता है।
शास्त्रों के अनुसार, माँ उच्छिष्ट चांडालिनी की साधना में 'शुद्धि' के सामान्य नियम लागू नहीं होते, इसीलिए इन्हें "उच्छिष्ट" (जो स्वच्छ न हो या जूठा हो) कहा जाता है।
मुख्य मंत्र (Ucchista Chandalini Mantra)
सबसे प्रचलित और प्रभावशाली मंत्र इस प्रकार है:
मंत्र:
> ॐ ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा ॥
साधना से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें
 * वाक सिद्धि: इस मंत्र के नियमित और विधिबद्ध जाप से साधक की वाणी सत्य होने लगती है और उसमें सम्मोहन शक्ति आती है।
 * निर्भयता: यह साधना भय का नाश करती है और व्यक्ति के भीतर अटूट आत्मविश्वास भरती है।
 * विशेष नियम: अन्य देवियों के विपरीत, इनकी साधना में स्थान या शरीर की पूर्ण पवित्रता का कड़ा बंधन नहीं होता, लेकिन मानसिक एकाग्रता अनिवार्य है।
 * गुरु मार्गदर्शन: तंत्र साधनाएँ बिना गुरु के मार्गदर्शन के करना जोखिम भरा हो सकता है। उच्छिष्ट चांडालिनी एक उग्र शक्ति हैं, इसलिए इनकी साधना शुरू करने से पहले किसी अनुभवी विद्वान या गुरु से परामर्श अवश्य लें।
सावधानी
> नोट: तांत्रिक मंत्रों का प्रयोग कभी भी किसी का अहित करने के लिए नहीं करना चाहिए। गलत उद्देश्य से की गई साधना का नकारात्मक प्रभाव स्वयं साधक पर भी पड़ सकता है।
मातंगी देवी के उच्छिष्ट चांडालिनी स्वरूप की साधना तंत्र जगत में अपनी विशिष्टता के लिए जानी जाती है। जैसा कि नाम से स्पष्ट है, इस साधना में 'उच्छिष्ट' (जूठा या अशुद्ध) अवस्था का विशेष महत्व है। इसे अक्सर "वाम मार्ग" की साधना माना जाता है।
नीचे इस साधना की सामान्य प्रक्रिया दी गई है, लेकिन ध्यान रहे कि बिना गुरु दीक्षा के उग्र तंत्र साधनाएँ करना वर्जित और हानिकारक हो सकता है।
1. साधना का समय और स्थान
 * समय: यह साधना प्रायः रात्रि काल (निशीथ काल) में की जाती है।
 * स्थान: कोई एकांत कमरा, श्मशान, या नदी का किनारा। घर में करने पर मुख उत्तर या पूर्व की ओर रखें।
2. आवश्यक सामग्री
 * नीले या लाल रंग के वस्त्र और आसन।
 * हकीक या रुद्राक्ष की माला।
 * देवी मातंगी/उच्छिष्ट चांडालिनी का यंत्र या चित्र।
 * नैवेद्य में विशेष रूप से उच्छिष्ट (जूठा) भोजन या सुपारी का प्रयोग किया जाता है (परंपरा अनुसार)।
3. साधना विधि (संक्षिप्त चरण)
 * शुद्धि/अशुद्धि: इस साधना का सबसे विचित्र नियम यह है कि साधक को भोजन करने के उपरांत बिना मुख शुद्ध किए (कुल्ला किए बिना) मंत्र जाप करना होता है।
 * संकल्प: हाथ में जल और अक्षत लेकर अपनी मनोकामना का संकल्प लें।
 * विनियोग:
   > अस्य श्री उच्छिष्ट चांडालिनी मंत्रस्य, दक्षिणमूर्ति ऋषिः, जगती छन्दः, उच्छिष्ट चांडालिनी देवता, ह्रीं बीजं, क्लीं शक्तिः, हूं कीलकं, मम अभीष्ट सिद्धयर्थे जपे विनियोगः।
   > 
 * न्यास: अंगन्यास और करन्यास के माध्यम से देवी की ऊर्जा को शरीर के विभिन्न अंगों में स्थापित करें।
 * ध्यान: देवी के स्वरूप का ध्यान करें। वे मेघ के समान श्याम वर्ण वाली, मस्तक पर अर्धचंद्र धारण करने वाली और चार भुजाओं वाली हैं।
4. मंत्र जाप
साधना के दौरान इस मंत्र का जाप किया जाता है:
> "ॐ ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा"
 * संख्या: सामान्यतः 1.25 लाख (सवा लाख) मंत्रों का पुरश्चरण फलदायी माना जाता है। प्रतिदिन 11, 21 या 51 माला का जाप संकल्प के अनुसार करें।
महत्वपूर्ण सावधानियां और नियम
 * ब्रह्मचर्य: साधना काल के दौरान पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन अनिवार्य है।
 * गोपनीयता: तंत्र साधना को अत्यंत गुप्त रखना चाहिए। किसी को भी अपनी साधना के बारे में न बताएं।
 * मानसिक स्थिति: साधक का मन स्थिर और भयमुक्त होना चाहिए। साधना के दौरान डरावने अनुभव या आवाजें सुनाई दे सकती हैं, जिनसे विचलित नहीं होना चाहिए।
चेतावनी
> यह एक तामसिक और उग्र साधना है। शास्त्रों के अनुसार, गुरु के मार्गदर्शन के बिना इसे करने से मानसिक विक्षेप या भारी आर्थिक-शारीरिक हानि हो सकती है। यह जानकारी केवल शैक्षणिक और आध्यात्मिक ज्ञान के उद्देश्य से दी गई है।

ucchista chandalini mantra

**The Ucchista Chandalini mantra** refers to tantric invocations of a fierce form of Goddess Matangi, one of the Dasha Mahavidyas, associated with "leftover" or polluted offerings in Vamachara traditions.

## Core Mantra Variants
Several versions appear in tantric sources like Mantra Mahodadhi and Phetkarini Tantra, often as the 22- or 24-syllable Sumukhi mantra invoking Ucchista Chandalini.
- **Primary form**: ॐ उच्छिष्ट चान्डालिनि सुमुखी देवी महापिशाचिनि ह्रीँ ठः ठः ठः ॥ (Om ucchiṣṭa cānḍālini sumukhī devī mahāpiśācini hrīṁ ṭhaḥ ṭhaḥ ṭhaḥ) 
- **Vashikaran variant**: ॐ ह्रीं ऐं श्रीं नमो भगवती उच्छिष्ट चाण्डाली श्री मातंगेश्वरि सर्वजन वशंकरि स्वाहा ॥ 
- **Short form**: उच्छिष्ठ चांडालिनी मातंगी सर्व वशंकरि नमः स्वाहा ॥ 

## Significance in Tantra
Ucchista Chandalini embodies transcendence of purity taboos, granting siddhis like attraction (vashikaran), wealth, knowledge, and protection from sins when chanted post-meal with leftovers as bali.
Practices emphasize guru initiation, as per Rudrayamala and Tantrasara, with 10,000 japas for siddhi in left-hand paths.

## Ritual Guidelines
Follow nyasa (hand/body placements), dhyana of the red-adorned goddess on a corpse, and panchapuja before japa on a 108-bead mala.
Offerings include half-eaten food, red flowers, or ghee in homa; evening sessions in yellow attire enhance potency, but avoid without guidance.
Ucchista Chandalini sadhana की अवधि विभिन्न तांत्रिक परंपराओं में भिन्न होती है, लेकिन सामान्यतः 21 से 42 दिनों तक चलती है, जब तक मंत्र जाप की निर्धारित संख्या (जैसे 1 लाख) पूरी न हो जाए।सामान्य जाप विधियाँपूर्ण साधना: भोजन के बाद बिना कुल्ला किए 5000 जाप प्रतिदिन, कुल 1,00,000 जाप के लिए 20-40 दिन (5000 जाप में 10-18 घंटे लग सकते हैं)।तीव्र विधि: रात्रि 12 बजे से 3 घंटे 36 मिनट जाप, होली के आसपास 5-21 दिनों तक या जब तक चेतना मिलन न हो।परिणाम की समयावधिपरिणाम गुरु अनुग्रह, नियम पालन और साधक की श्रद्धा पर निर्भर करते हैं; कुछ साधकों को 200-300 जाप में ही आकर्षण या शक्ति का अनुभव होता है, लेकिन पूर्ण सिद्धि 11-42 दिनों में मिलती है! 
वशीकरण या सिद्धि के लिए 11 दिनों की दक्षिणमुखी साधना भी वर्णित है।सावधानियाँगुरु दीक्षा बिना न करें, अन्यथा विपरीत फल हो सकता है; उच्छिष्ट भोजन से जुड़ी होने से शुद्धि नियम विशेष हैं।
Ucchista Chandalini sadhana, a Vamachara tantric practice linked to Matangi, typically spans 21 to 40 days for purascharana completion, depending on daily japas (e.g., 5,000 per session post-meal).Duration GuidelinesStandard protocols prescribe 1 lakh total japas: 21 days at 5,000 daily (intense, 10-15 hours) or 40 days at 2,500, often starting on Ashtami, Chaturdashi, Amavasya, or Purnima.
Intense variants claim siddhi in 3-11 days with continuous 3-hour nightly sessions, but full results emerge after consistent practice.Key RulesPerform japas with ucchista mouth (no rinsing after food), facing south in yellow attire, using sphatik or rudraksha mala for 108x rounds; offerings include half-eaten sweets, red flowers, or ghee homa.
Maintain brahmacharya, home purity (no other sadhanas), and secrecy; guru diksha is mandatory to avoid backlash.PrecautionsAvoid during menstruation or impurity; evening twilight sessions amplify potency, with signs like visions or warmth indicating progress.
साधना की दैनिक समयावधि और मंत्र जप की गणना कैसे करें

Ucchista Chandalini साधना में दैनिक समयावधि 2-15 घंटे तक हो सकती है, जो जाप संख्या पर निर्भर करती है, जैसे 2500-5000 मंत्र प्रतिदिन।

## दैनिक समयावधि
पूर्ण पुरश्चरण (1 लाख जाप) के लिए तीव्र साधना में भोजनोत्तर उच्छिष्ट मुख से 5000 जाप रोज़ (लगभग 10-15 घंटे, रात्रि 12 बजे से) 21 दिनों तक, या मध्यम 2500 जाप (5-8 घंटे) 40 दिनों तक।
शुरुआती के लिए 1-3 घंटे (11 मालाएँ, 108x11=1188 जाप) पर्याप्त, लेकिन सिद्धि हेतु न्यूनतम 5-10 मालाएँ संध्या/रात्रि में।

## जाप गणना विधि
स्फटिक/रुद्राक्ष माला से गिनें: एक माला=108 जाप (अंतिम 'कुल' दाने को छूए बिना पूर्ति); 10 मालाएँ=1080 जाप, दायें हाथ के अंगूठे/मध्यमा से घुमाएँ! 
कुल जाप लॉगबुक में नोट करें; 1 लाख पूर्ण होने पर हवन (1/10 जाप) कर सिद्धि पाएँ।

## सहायक नियम
ब्रह्ममुहूर्त/संध्या में दक्षिणमुखी, पीले वस्त्र; जाप दर 1-2 मिनट/100 मंत्र रखें, लयबद्ध स्वर में।


Comments

Popular posts from this blog

व्यापार / पैसे के लिएवशीकरण (Money / BusinessVashikaran)

प्रेम आकर्षण मंत्र ( Vashikaran Mantra for Lover)

Bavan Veer mantra