कृत्या‑साधना मंत्र
कृत्या‑साधना एक तांत्रिक शक्ति‑साधना है जिसमें शिव की एक अत्यंत तीव्र विनाशकारी शक्ति “कृत्या” को जागृत कर मारण, शत्रुनाश, रक्षा या अन्य आध्यात्मिक कार्यों के लिए उपयोग किया जाता है। यह साधना आमतौर पर गुरु‑दीक्षा और विशेष अनुष्ठान के बिना सीधे नहीं की जाती, क्योंकि इसकी शक्ति इतनी सीधी और भारी मानी गई है कि गलत या अनुचित उपयोग से फल प्रतिकूल या घातक हो सकता है। ### कृत्या क्या है? कुछ सम्प्रदायों के अनुसार कृत्या शिव की एक विशिष्ट उद्रेक‑शक्ति है, जो किसी भी वस्तु या व्यक्ति को बहुत कम समय में नष्ट कर सकती है; इसे “प्रेरण‑शक्ति” या मारण‑विद्या के रूप में भी बताया जाता है। कुछ गुरुपरम्पराओं में कृत्या को देवी/देवता की तरह नहीं, बल्कि एक “मानसिक शक्ति‑रूपी” या “मारण‑प्रेत‑सदृश” उर्जा के रूप में देखा जाता है, जिसका रूप दार या देवी के रूप में भी लेपिट कर लिया जा सकता है। ### साधना की प्रकृति कृत्या‑साधना को आमतौर पर एक मारण या “शत्रुनाशक” प्रयोग के रूप में देखा जाता है, और इसे अधिकांश गुरुओं के अनुसार केवल विशेष परिस्थितियों, अत्यंत आवश्यकता तथा गहन ध्यान, दीक्षा और रक्षा‑मंत्र ...