Posts

Showing posts with the label mantra

तीव्र वशीकरण शाबर मंत्र (खाने-पीने की वस्तु से)

तीव्र वशीकरण शाबर मंत्र (खाने-पीने की वस्तु से) नीचे प्रचलित शाबर-परंपरा के कुछ प्रसिद्ध मंत्र और उनकी सामान्य विधियाँ दी गई हैं—केवल शैक्षणिक/सांस्कृतिक संदर्भ के लिए। कृपया ध्यान दें: किसी की सहमति के बिना उसे प्रभावित करने वाले उपाय नैतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से अनुचित हो सकते हैं; इनका प्रयोग वास्तविक जीवन में करने की सलाह नहीं दी जाती। प्रमुख शाबर मंत्र (खाने-पीने की वस्तु से प्रयोग हेतु) 1) पान-बीड़ा/लौंग से वशीकरण (प्रचंड वशीकरण) एक प्रचलित विधि के अनुसार: मंत्र को पहले 10,000 बार जप कर सिद्ध किया जाता है, फिर 108 बार जप कर आहुति दी जाती है। उसके बाद एक पान का बीड़ा (या लौंग) को 21 बार इस मंत्र से अभिमंत्रित करके खिलाया जाता है। मंत्र (देवनागरी): हाथ पसारूं मुख मलूं, काची मछली खाऊं || आठ पहर चौसट घड़ी, जग मोह घर जाऊं || ईश्वर गौरा पार्वती महादेव की दुहाई || (कुछ संस्करणों में अंतिम पंक्ति “ईश्वर गौरा पार्वती महादेव की दुहाई” जोड़ी जाती है।) 2) मिठाई/मीठी वस्तु से मोहिनी वशीकरण इस विधि में मिठाई, टॉफी या किसी मीठी चीज़ को दाहिने हाथ में लेकर मंत्र 21 बार बोला जाता है और फिर वह ...

Maa Ashu (Aashu/Asho) Mehtarani”

​ “Maa Ashu (Aashu/Asho) Mehtarani” is a powerful Shakta/Shabar deity invoked in folk-tantric traditions—especially in Bengal and surrounding regions—for binding or removing black magic, pret/bhoot afflictions, and hostile tantric works.  Her mantras are classed as **Shabar mantras**: direct, vernacular, result-oriented formulas often used with simple ritual materials and strict discipline. ## Who is Ashu Mehtarani? - She is described in Shabar/tantra lineages as a swift-acting goddess who can **bind or cut rival tantric works (chouki, jadoo-tona)**, neutralize pret/bhoot, and protect against malefic influences. - Some traditions call her **“Bangale ki Aaso Mehtarani Mai”**, emphasizing her Bengal origin and her role in “bringing speech back” (vaacha) when someone is struck by muting/affliction mantras. - She is often depicted as riding with Bhairava/Hanuman and entourages of vīras/yoginīs in protective processions. ## Common Shabar Mantra (for protection/binding of evils) One wide...

Raksha Kavach Mantra

Shabar siddhi mantra,  कभी-कभी किसी स्थान आदि के प्रभाव के कारण नकारात्मक शक्तियाँ अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर देती है | ये नकारात्मक शक्तियाँ जैसे : नजर के दोष, भूत-प्रेत जैसी ऊपरी बाधा का आना मानसिक व शारीरिक रूप से कमजोर व्यक्ति को अपना शिकार बनाती है(Raksha Kavach Mantra) | उसके साथ ही ये शक्तियाँ ऐसे व्यक्तियों के घर पर अपना प्रभाव दिखाती है जहाँ साफ़-सफाई न रहती हो, घर में कलह रहता हो, पाठ-पूजा न होती हो या फिर घर किसी ऐसी स्थान के आस-पास हो जिसके आस-पास नकारात्मक शक्तियों का वास हों | आज हम आपको 2 ऐसे शाबर मंत्रों के विषय में जानकारी देने वाले है जिनके प्रयोग से आप स्वयं पर या परिवार पर एक प्रकार से रक्षा कवच बना सकते है जिसके प्रभाव से नकरात्मक शक्तियां दूर होती है | आप भी इन शाबर मंत्रो के प्रयोग से अपने घर पर रक्षा कवच बना सकते है | स्वयं के शरीर की रक्षा के लिए शाबर मंत्र : – ॐ नमः वज्र का कोठा  जिसमें पिण्ड हमारा पैठा  ईश्वर की कुंजी , ब्रह्मा का ताला  मेरे आठोंयाम का यती हनुमन्त रखवाला |  उपरोक्त शाबर मंत्र को लगातार 21 दिनों तक दीपक जलाकर अपने सामर्थ...

साबर मोहनी जाल मंत्र | Sabar Mohini Jaal Mantra

Shabar siddhi mantra,  साबर मोहनी जाल मंत्र | Sabar Mohini Jaal Mantra साबर मंत्र :- मोहिनी मोहिनी मैं करा मोहिनी मेरा नाम | राजा मोहा प्रजा मोहा मोहा शहर ग्राम || त्रिंजन बैठी नार मोहा चोंके बैठी को | स्तर बहतर जिस गली मैं जावा सौ मित्र सौ वैरी को || वाजे मन्त्र फुरे वाचा | देखा महा मोहिनी तेरे इल्म का तमाशा || साधना करते वकत ख्याल रखे कई बार मोहनी भयानक रूप में  साहमने आ जाती है| जिसे  के काले कपडे होते है और रंग काला होता है| होठो पे ढेर सार सखु लगी होती है| आखं बिजली की तरह चमक रह होती है| ऐसी हालत में डरे नहीं मेहनत बेकार हो जाती है| और ना ह उसक आखं में देखने से  आप समोहत हो जाएगे और साधना रुक जाएगी | बहुत धाय से काम ले जब तक वोह वर मांगने को न कहे तब तक बोले न सिर्फ अपने मंत्र जप पे यान  2 . Shabar siddhi mantra,  Sabar Mohini Jaal Mantra साधना की विधि:- 1. इसे लाल वस्त्र धारण कर करना चाहिए | 2. आसन कुषा का जा कबल का ले सकते है | 3. दिशा उतर रहेगी | 4. मन्त्र जाप पाँच माला करना है | इस के लिए लाल चन्दन जा कुंकुम की माला जा काले हकीक की माला इस्तेमाल क...

नृसिंह कवच /नृसिंह मंत्र

नृसिंह कवच  नृसिंह कवच प्रह्लाद द्वारा ब्रह्मांड पुराण से लिया गया एक शक्तिशाली रक्षात्मक स्तोत्र है, जो शरीर के प्रत्येक भाग और दिशाओं की रक्षा करता है। ## ध्यान विधि हेमसिंहासन पर विराजमान स्वर्णिम नृसिंह का ध्यान करें, जिनके चार भुजाएं हैं—शंख, चक्र, गदा और पद्म धारण किए हुए। लक्ष्मी उनके वाम में विराजमान हों, तीन नेत्रों वाले, जटाधारी, सिंहनाद करने वाले। हृदय कमल में नृसिंह को स्थापित कर पाठ आरंभ करें। ## पूरा कवच पाठ ``` नृसिंह-कवचं वक्ष्ये प्रह्लादेनोदितं पुरा। सर्वरक्षाकरं पुण्यं सर्वोपद्रव-नाशनम्॥१॥ सर्वसंग्रह-कंरं चैव स्वर्ग-मोक्ष-प्रदायकम्। ध्यात्वा नृसिंहं देवेशं हेम-सिंहासन-स्थितम्॥२॥ स्वहृद्-कमल-संवासिनं कृत्वा तु कवचं पठेत्। नृसिंहो मे शिरः पातु लोकरक्षात्म-संभवः। सर्वगोऽपि स्तंभ-वासः फालं मे रक्षतु ध्वनन्॥३॥ नृसिंहो मे दृशौ पातु सोम-सूर्याग्नि-लोचनः। वक्त्रं पात्विन्दु-वदनः सदा प्रह्लाद-वन्दितः॥४॥ नृसिंहः पातु मे कण्ठं स्कंधौ भूभरणान्तकृत्। दिव्यास्त्र-शोभित-भुजो नृसिंहः पातु मे भुजौ॥५॥ करौ मे देव-वरदो नृसिंहः पातु सर्वतः। हृदयं योगि-साध्यश्च निवासं पातु मे हरिः॥६॥ न...

दस महाविद्या रहस्य

दस महाविद्या रहस्य जागत पालनकर्ता भगवान विष्णु के अन्तः कारण की शक्ति सर्व-स्वरूपा योगमाया-आदि शक्ति महामाया हैं तथा देवी ही प्रत्यक्ष तथा परोक्ष रूप से संपूर्ण ब्रह्माण्ड के उत्पत्ति, स्थिति तथा लय की कारण भूता हैं। ब्रह्मा, विष्णु तथा शिव की उत्पत्ति इन्हीं के अनुसार हुई हैं। सृष्टि के सुचारु सञ्चालन हेतु, भगवान विष्णु पालनहार, ब्रह्मा रचनाकार, तथा शिव संहारक पद, महामाया आद्या शक्ति द्वारा ही इन महा-देवों को प्राप्त हैं। क्रमशः तीनों महा देव तीन प्राकृतिक गुणों के कारक बने सत्व गुण, रजो गुण तथा तमो गुण, संपूर्ण ब्रह्माण्ड का सञ्चालन इन्हीं गुणों के द्वारा ही होता हैं; परन्तु इन कार्यों की इच्छा शक्ति, आदि शक्ति की आधारभूत शक्ति हैं। त्रि-देवों के अनुसार ही इनकी जीवन संगिनी त्रि-देवियाँ भी इन कार्यों में संलग्न रहती हुई अपने-अपने स्वामी की शक्तियां हैं। त्रि-देवियाँ या महा-देवियाँ महा-लक्ष्मी, मह-सरस्वती तथा पार्वती-सती के रूप में, त्रि-देवों की जीवन संगिनी तथा सहायक हैं। महा-लक्ष्मी के रूप में ये भगवान विष्णु कि सात्विक शक्ति हैं, महा-सरस्वती के रूप में ये बब्रह्मा जी की राजसिक शक्ति...