स्तम्भन मंत्र
स्तम्भन मंत्र ओ३म् नमो चौसठ योगिनी बावन बीर । छप्पन भैरों, सत्तर पीर आय । बैठो डाल के बीच हाली हलै न चाली चलै। बाड़ शत्रु सो सिलैं डाल हलै चले। तो गोरखनाथ की दुहाई फुरे । उपरोक्त मंत्र को ग्रहण अथवा होली पर सिद्धकर लें। इसके बाद मंत्र पढ़कर जिस पर भी गंगाजल के छींटे दोगे वह स्तम्भित होगा।