Masani Devi

ॐ क्रीं ह्रीं राजराजेश्वरी महामातेश्वरी मसानी देव्यै मसानी रक्ष रक्ष कुरू कुरू ह्रीं क्रीं स्वाहा।

ॐ क्रीं ह्रीं राजराजेश्वरी महामातेश्वरी मसानी देव्यै मसानी रक्ष रक्ष कुरू : 

ॐ क्रीं ह्रीं राजराजेश्वरी महामातेश्वरी मसानी देव्यै मसानी रक्ष रक्ष कुरू कुरू ह्रीं क्रीं स्वाहा।

"ॐ क्रीं ह्रीं राजराजेश्वरी महामातेश्वरी मसानी देव्यै मसानी रक्ष रक्ष कुरू कुरू ह्रीं क्रीं स्वाहा।" 
मंत्र जाप और साधना विधि:
साधना का समय: यह तांत्रिक साधना प्रायः रात 12 बजे के बाद (निशीथ काल में) की जाती है।
साधना की अवधि: इसे सिद्ध करने के लिए आमतौर पर 11 दिनों तक प्रतिदिन 1,000 मंत्रों का जाप किया जाता है।
प्रयोग: सुरक्षा और बाधा मुक्ति के लिए इस मंत्र से अभिमंत्रित कर 'उतारा' भी किया जाता है।
सावधानी:
शाबर मंत्र अत्यधिक प्रभावशाली और तीव्र होते हैं। शाबर साधनाएं (विशेषकर मसानी माता से जुड़ी) बहुत उग्र मानी जाती हैं मसानी किसी की सगी नहीं ! हजारों घर उजाड़ दिये ! सुन लो मसानी का सच्च इसके भगत भी है परेशान। अतः किसी भी शाबर साधना को शुरू करने से पहले किसी योग्य और सिद्ध गुरु का मार्गदर्शन प्राप्त करना अत्यंत आवश्यक है। 
360 मसानी की दुहाई का सामान्य स्वरूपशाबर मंत्रों की भाषा क्षेत्रीय और बोलचाल के अनुसार थोड़ी भिन्न हो सकती है। दुहाई मंत्रों का सामान्य रूप इस प्रकार होता है:
ॐ नमो आदेश गुरु को।राजा मसान, वीर मसान, चौसठ मसान, तीन सौ साठ मसान।जो तू बैठी मसानी, कच्ची मसानी, पक्की मसानी, मसाण घाट की मसाणी।मेरी भक्ति गुरु की शक्ति, फुरो मन्त्र ईश्वरी वाचा।दुहाई कालिका माई की, दुहाई मसानी माता की, दुहाई गोरखनाथ की।आन की आन, सांच की सांच।(नोट: पूर्ण और मूल मंत्र में 360 मसानों के नाम, उनकी उत्पत्ति का स्थान और देवी-देवताओं (जैसे हनुमान, भैरव या काली) की दुहाई के विशिष्ट शब्द शामिल होते हैं।)
मसानी माता का उतारा तांत्रिक या लोक परंपराओं में एक विशेष उपाय है, जिसका उपयोग नकारात्मक ऊर्जा, बुरी नज़र, तंत्र-मंत्र या 'मसानी क्रिया' के प्रभाव को खत्म करने के लिए किया जाता है। इसे सामान्यतः किसी रोगी या प्रभावित व्यक्ति के सिर से वार कर (उतार कर) चौराहे या पीपल के पेड़ पर रखा जाता है। 
उतारे की मुख्य सामग्री
इस उपाय में अक्सर निम्नलिखित सामग्री का उपयोग किया जाता है : 
एक हरा पानीदार नारियल (विशेष रूप से पहली बार करते समय)
भोग की वस्तुएं: मिठाई, 5 लौंग, 5 इलायची, और गुड़ की पेसी/बताशा
नकारात्मकता काटने के लिए: 7 साबुत काली उड़द के दाने, 1 नींबू, 1 जायफल, सिन्दूर और काला कपड़ा 
उतारे की विधि
प्रभावित व्यक्ति के ऊपर से पूरी सामग्री को ७ बार घड़ी की विपरीत दिशा में (उलटा) वारें। 
यदि किसी व्यक्ति या घर पर तंत्र बाधा है, तो इस प्रक्रिया को लगातार ११ दिनों तक किया जाता है। 
इसके बाद इस सामग्री को किसी चौराहे पर रख दिया जाता है या बहते जल में प्रवाहित कर दिया जाता है। 
सावधानी
यह क्रिया बहुत उग्र मानी जाती है। इसे करने से पहले किसी जानकार पुजारी या तांत्रिक की सलाह लेना ही उचित रहता है। 
(नोट: यह जानकारी केवल पारंपरिक मान्यताओं और लोक धारणाओं पर आधारित है। किसी भी गंभीर समस्या के लिए योग्य विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।)
84 बंधन खोलने का मंत्र (चौरासी बंधन काट मंत्र) एक अत्यंत शक्तिशाली शाबर और नरसिंह मंत्र है。 इसका उपयोग किसी भी प्रकार के नकारात्मक तंत्र-मंत्र, पितृ बंधन, कुल देव बंधन, कार्य-व्यापार में रुकावट, और शारीरिक या मानसिक बंधनों को तत्काल काटने के लिए किया जाता है。 
मंत्र
"ॐ नमो आदेश गुरु को।
निरंकार की दुहाई, महादेव की।
नरसिंहा! नमः ॐ नारी ख नरसिंह भुजा राखो, हनुमान चक्र चलाकर बंधन काटो।
छोड़ो माया बंद, खेर कूट को खैरो, छोड़ो चाक-चौबंद, घर छोड़ो, देव छोड़ो, देवबंद छोड़ो, आकाश छोड़ो, पाताल छोड़ो, धरती के चारों कोना छोड़ो।
महानर सिंह की चकरी फिरे, चौरासी (84) गुणय को बांधो।
बंधन छोड़ो कुल को, काया को, बुद्धि को, बंधन छोड़ो।
भया नार सिंह आगे चले कर्म को बंधन छूटे, पाता नरसिंह पीछे चले शस्त्र बंधन छूटे।
नारायण को चक्र लियो, श्री राम को बाण लियो, फरसा राम को फरसा लियो, जुग टले समुद्र सूखे, गंगा उल्टी बहे, भगत की भक्ति चले, गुरु की बाचा चले।
निरंकार की दुहाई, महादेव की।
ॐ नमो नरसिंहा नमः।।"
मसानी माता (श्मशान और तांत्रिक ऊर्जा से जुड़ी देवी) को प्रसन्न करने और नकारात्मक ऊर्जाओं को शांत करने के लिए मुख्य रूप से सात्विक और तांत्रिक अनुष्ठानों का सहारा लिया जाता है।
मसानी माता को प्रसन्न और शांत करने के प्रमुख उपाय:
सिंदूर और श्रृंगार अर्पित करें: माता के चरणों में सिंदूर, लाल चुनरी, फूल, काले तिल, लौंग और नींबू अर्पित करना चाहिए. 
मंत्र का जाप: माता की कृपा पाने के लिए उनके सिद्ध मंत्रों का जाप किया जाता है। उदाहरण के लिए, "ॐ ह्लीं क्लीं ऐं मसानी महामाये भूत प्रेत बाधा नाशिनि किलि किलि फट स्वाहा॥" का 108 बार जाप करना अत्यंत प्रभावी माना जाता है. 
सात्विक भोग: माता को नारियल, बताशे, हलवा-पूरी और मीठे पकवानों का भोग लगाएं।
दान-पुण्य: श्मशान या वीरान स्थानों की पवित्रता का ध्यान रखें। गायों को चारा खिलाना और गरीबों को काली वस्तुएं (जैसे काले तिल या वस्त्र) दान करने से भी देवी प्रसन्न होती हैं. 
नोट: मसानी माता की साधना और तांत्रिक उपाय बहुत उग्र होते हैं। इसलिए, किसी भी प्रकार के नकारात्मक प्रभाव या दोष निवारण के लिए किसी योग्य पंडित या तांत्रिक गुरु का मार्गदर्शन अवश्य लें. 
तंत्र-मंत्र की भाषा में 'मूठ' (या मूठ मारना) एक मारण क्रिया या काला जादू होती है, जिसका उपयोग शत्रु को नुकसान पहुँचाने के लिए किया जाता है。 इस नकारात्मक ऊर्जा या 'मूठ' के प्रभाव को काटने, रोकने और वापस उसी के भेजने वाले पर पलटने के लिए हनुमान शाबर मंत्र सबसे शक्तिशाली माने जाते हैं。 
मूठ रोकने और पलटने का सिद्ध शाबर मंत्र
यदि आपको किसी भी प्रकार के जादू-टोने या मूठ का आभास हो, तो इस सिद्ध हनुमान मंत्र का प्रयोग किया जाता है : 
·Mantra - Tantra - Yantra ( मंत्र - तंत्र - यंत्र )
"ॐ नमो आदेश गुरु को। आगे दो झिलमिली। पीछे दो नन्द। रक्षा सीता राम की। रखवारे हनुमन्त। हनुमान हनुमन्ता। आवत मूठ करो नव खंडा। सांकर होरो। लोहे की फारो वज़ कीवाड़। अञ्जर कीले। वञ्जर कीले। ऐसे रोग हाथ से ठीले। मेरी भक्ति। गुरु की शक्ति। फुरो मंत्र ईश्वरोवाचा।।" 
मंत्र जप और निवारण की विधि
साधना का समय: इस मंत्र को होली, दीपावली या किसी भी ग्रहण काल में 108 बार जप कर सिद्ध किया जाता है。 
प्रयोग कैसे करें: जब भी आपको मूठ या कोई नकारात्मक शक्ति आती दिखाई दे, तो इस मंत्र को शीघ्रता से 7 बार पढ़ें और उस दिशा में फूंक मार दें。 
·माँ कामाख्या देवी
उड़द का उपाय: आप साबुत उड़द के दानों को इस मंत्र से 7 बार अभिमंत्रित कर, शत्रु की दिशा में फेंककर मूठ को वापस पलटने का प्रयोग भी कर सकते हैं。 
मसान (श्मशान से जुड़ी नकारात्मक ऊर्जा या तंत्र बाधा) को हटाने के लिए हनुमान जी, भगवान शिव और माँ काली के मंत्र अत्यंत प्रभावी माने जाते हैं。 इन बाधाओं से निवारण के लिए सबसे प्रमाणित और सरल मंत्र निम्नलिखित हैं: 
1. पंचमुखी हनुमान मंत्र (भूत-प्रेत और मसान नाशक)
"ॐ नमो भगवते पंचवदनाय पूर्वमुखाय पञ्चमुखाय ज्वालामालाय सकलशत्रुसंहारकाय हुं फट्।"
2. माँ काली का शाबर मंत्र (मसान तंत्र बाधा निवारक)
"ॐ कालिका काल महाकालिका, मसान की मसान जगा, जो मसान खाय, सो मसान को जाए, गुरु गोरखनाथ की दुहाई, शब्द सांचा, पिंड कांचा, फुरो मंत्र ईश्वरोवाचा।"
मंत्र जप और उपाय की विधि:
हनुमान जी की स्तुति: प्रतिदिन प्रातःकाल हनुमान चालीसा का पाठ करने से सभी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा और मसान दोष दूर होते हैं।
समय और संयम: तंत्र बाधा (मसान दोष) निवारण के लिए इन मंत्रों का जप अक्सर मंगलवार या शनिवार से शुरू किया जाता है।
विशेष उपाय: किसी योग्य तांत्रिक या पुरोहित के मार्गदर्शन में महामृत्युंजय मंत्र या ॐ सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो, धन धान्यः सुतान्वितः। मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः ॐ ।। का जाप भी किया जाता है । 
नोट: इस प्रकार की गहन तांत्रिक समस्याओं (मसान) के निवारण के लिए किसी प्रमाणित सिद्ध गुरु, ज्योतिषी या पंडित का मार्गदर्शन लेना अत्यंत आवश्यक है।
मसानी माता कैसे निकलती है' (Masan Masani) का अर्थ माता के किसी साधक पर प्रकट होने (अवतरित होने), सवारी आने, या तांत्रिक दृष्टि से मसान/प्रेत बाधा के रूप में लिया जाता है।
मसानी माता (जिन्हें चौराहा वाली माता भी कहा जाता है) को मुख्य रूप से शीतला माता का ही एक उग्र या श्मशानी रूप माना जाता है। 
इसे तीन संदर्भों में समझा जा सकता है:
1. साधना या सवारी (भगत/साधक के माध्यम से)
जो लोग माता की साधना करते हैं, उन पर विशेष पूजा और मंत्र जाप के दौरान माता की सवारी (हाजिरी) आती है।
माता का अवतरण होने पर भक्त का शरीर झूमने लगता है और वे भक्तों की समस्याओं, जैसे- ऊपरी बाधा या रोग का निवारण करते हैं। 
2. मसान (नकारात्मक ऊर्जा) का निकलना
यदि किसी व्यक्ति पर कोई तांत्रिक क्रिया (मसान या मसानी) हो जाती है, तो उसे प्रेत बाधा के लक्षण (अचानक डरना, कमजोरी, घर में अशांति) महसूस होते हैं。 
ऐसी स्थिति में तांत्रिक या भगत विधि-विधान (भोग या मंत्र) के जरिए उस नकारात्मक ऊर्जा या 'मसान' को शरीर से बाहर निकालते हैं。 
3. प्रसिद्ध मंदिर (गुरुग्राम)
हरियाणा के गुरुग्राम में स्थित मसानी माता मंदिर (शीतला माता का मंदिर) इसके लिए सबसे प्रमुख स्थान है。 
लोग अपनी परेशानियों के निवारण और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए इस सिद्ध पीठ पर जाते हैं।
मान्यता के अनुसार, माता के दरबार (चौराहे) में नारियल, बताशे, या अन्य पारंपरिक सामग्री का उतारा करने से सभी प्रकार के कष्ट दूर हो जाते हैं。 
यदि आप किसी विशिष्ट समस्या, शारीरिक बाधा या माता के दर्शन के लिए जानना चाहते हैं, तो किसी योग्य भगत, पुजारी या मसानी माता मंदिर (जैसे गुड़गांव स्थित मंदिर) के माध्यम से मार्गदर्शन प्राप्त करें। आप Maa Masani Maa Chogaanan Mata Mandir (Gurugram) के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं
माता मसानी (मसान की देवी) के शाबर मंत्र का उपयोग मुख्य रूप से नकारात्मक ऊर्जा, भूत-प्रेत बाधा के निवारण और तांत्रिक सुरक्षा के लिए किया जाता है। यह अत्यंत उग्र और शक्तिशाली माना जाता है। 
माता मसानी का शाबर मंत्र:
"ॐ ह्लीं क्लीं ऐं मसानी महामाये भूत प्रेत बाधा नाशिनि किलि किलि फट् स्वाहा॥"
साधना और प्रयोग की सावधानियां:
मंत्र सिद्धि: मंत्र को सिद्ध करने के लिए रात 12 बजे के बाद लाल या काले आसन पर बैठकर 108 बार 11 दिनों तक जप किया जाता है (कुल 11,000 मंत्र)। 
पूजा सामग्री: माता को सिंदूर, फूल, काले तिल, लौंग और नींबू अर्पित किए जाते हैं। 
चेतावनी: शाबर मंत्र उग्र होते हैं। माता मसानी की साधना अत्यंत गुप्त और सतर्कता से की जाने वाली प्रक्रिया है, इसलिए इसे किसी योग्य गुरु या अघोरी के मार्गदर्शन के बिना करने से बचें। 
मसानी माता को मुख्य रूप से शीतला माता या 'छोटी माता' के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा, क्षेत्र और परंपरा के अनुसार उनके अन्य नाम धुतनी, मदानन और चौगानन भी हैं। 
माता मसानी मदानन चौगानन का इतिहास
शीतला माता रूप: उत्तर भारत, विशेषकर हरियाणा (गुड़गांव) में मसानी माता को चेचक और अन्य संक्रामक रोगों से मुक्ति दिलाने वाली शीतला माता (बड़ी माता) की छोटी बहन या उनके ही स्वरूप के रूप में पूजा जाता है। 
दक्षिण भारत: दक्षिण भारत (तमिलनाडु) में मसानी अम्मन (Masani Amman) के नाम से प्रसिद्ध हैं और उन्हें आदिशक्ति का अवतार माना जाता है। 
माता मसानी (शीतला माता का ही एक रूप) को मुख्य रूप से सिंदूर, रोली, मौली, नारियल, बताशा, और मीठी पूरी या हलवा का भोग लगाया जाता है। 
पूजा में इन विशेष सामग्रियों का उपयोग किया जाता है:
श्रृंगार: माता को सिंदूर, लाल चुनरी और श्रृंगार का सामान अर्पित किया जाता है。
मीठा भोग: हलवा, पूआ या मीठी पूरी (जिन्हें बासी भी चढ़ाया जाता है)।
अन्य सामग्री: ऋतुफल (जैसे केला), धूप-दीप, और एक लोटा जल। 
विशेष क्षेत्रीय मान्यताओं के अनुसार भोग में कुछ बदलाव हो सकते हैं, इसलिए स्थानीय मंदिर के पुजारी की सलाह अवश्य लें।
माता मसानी (मसानी माता) को मनाने के लिए सात्विक पूजा, नारियल, मीठे भोग (जैसे हलवा या चूरमा), और शुद्ध मन से प्रार्थना करना सबसे उत्तम तरीका है। उन्हें प्रसन्न करने या उनका आशीर्वाद पाने के लिए इन आसान और पारंपरिक चरणों का पालन करें: 
सात्विक भोग: माता को मीठे का भोग बहुत पसंद है। उन्हें हलवा, खीर, गुलगुले, या चूरमे का भोग लगाएं। 
श्रृंगार का अर्पण: माता को प्रसन्न करने के लिए उन्हें श्रृंगार की वस्तुएं (लाल चुनरी, बिंदी, चूड़ी, सिंदूर) अर्पित करें।
मंत्र जाप: श्रद्धा के साथ माता के मंत्रों का जाप करें। माना जाता है कि मसानी माता की पूजा से कष्ट दूर होते हैं। 
ब्रह्मचर्य और शुद्धता: पूजा के दौरान मन, वचन और कर्म से शुद्ध रहें। सात्विक भोजन करें और सात्विक विचारों के साथ ही पूजा-अर्चना करें। 
गुरु मार्गदर्शन: यदि आप कोई विशेष साधना कर रहे हैं, तो हमेशा किसी योग्य गुरु के मार्गदर्शन में ही करें। 
भारतीय लोक मान्यताओं और तंत्र-मंत्र में 'मसानी क्रिया' एक नकारात्मक तांत्रिक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य किसी व्यक्ति, उसके परिवार या व्यवसाय को नुकसान पहुंचाना होता है。 यह मुख्य रूप से श्मशान घाट से जुड़ी ऊर्जा या 'मसान' (प्रेत आत्माओं) का उपयोग करके की जाती है। 
मसानी क्रिया कैसे होती है?
उद्देश्य: यह क्रिया अक्सर ईर्ष्या, द्वेष या बदले की भावना के कारण की जाती है。 
प्रक्रिया: इसमें तांत्रिक या अघोरी द्वारा श्मशान की राख, पुतले, विशेष मंत्रों, या दूषित सामग्री (जैसे बाल, नाखून) का उपयोग करके नकारात्मक ऊर्जा को किसी व्यक्ति के घर या शरीर से जोड़ा जाता है।
लक्षण: इस क्रिया के प्रभाव से व्यक्ति अचानक बीमार रहने लगता है, घर में कलह बढ़ जाती है, व्यापार में भारी नुकसान होता है, या व्यक्ति मानसिक अवसाद (depression) में चला जाता है。 
बचाव और उपाय:
उतारा करना: पारंपरिक मान्यताओं में इसके प्रभाव को कम करने के लिए 'उतारा' (नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने की विधि) किया जाता है, जिसमें गाय के गोबर, धूप, या विशेष सामग्री का प्रयोग होता है。 
माता मसानी की पूजा: कुछ क्षेत्रों में चेचक या अन्य संक्रामक रोगों और प्रेत बाधाओं से मुक्ति के लिए 'माता मसानी' (शीतला माता का एक रूप) की पूजा और शांति अनुष्ठान किए जाते हैं。 
आध्यात्मिक सुरक्षा: नकारात्मक ऊर्जाओं से बचाव के लिए नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ, ध्यान और सकारात्मक वातावरण बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
नोट: वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इन क्रियाओं का कोई प्रमाण नहीं है। अत्यधिक मानसिक या शारीरिक परेशानी होने पर किसी योग्य चिकित्सक (मनोवैज्ञानिक या डॉक्टर) से परामर्श करना सबसे उचित होता है।
मसानी माता का उतारा तांत्रिक या लोक परंपराओं में एक विशेष उपाय है, जिसका उपयोग नकारात्मक ऊर्जा, बुरी नज़र, तंत्र-मंत्र या 'मसानी क्रिया' के प्रभाव को खत्म करने के लिए किया जाता है। इसे सामान्यतः किसी रोगी या प्रभावित व्यक्ति के सिर से वार कर (उतार कर) चौराहे या पीपल के पेड़ पर रखा जाता है। 
उतारे की मुख्य सामग्री
इस उपाय में अक्सर निम्नलिखित सामग्री का उपयोग किया जाता है : 
एक हरा पानीदार नारियल (विशेष रूप से पहली बार करते समय)
भोग की वस्तुएं: मिठाई, 5 लौंग, 5 इलायची, और गुड़ की पेसी/बताशा
नकारात्मकता काटने के लिए: 7 साबुत काली उड़द के दाने, 1 नींबू, 1 जायफल, सिन्दूर और काला कपड़ा 
उतारे की विधि
प्रभावित व्यक्ति के ऊपर से पूरी सामग्री को ७ बार घड़ी की विपरीत दिशा में (उलटा) वारें। 
यदि किसी व्यक्ति या घर पर तंत्र बाधा है, तो इस प्रक्रिया को लगातार ११ दिनों तक किया जाता है। 
इसके बाद इस सामग्री को किसी चौराहे पर रख दिया जाता है या बहते जल में प्रवाहित कर दिया जाता है। 
यह क्रिया बहुत उग्र मानी जाती है। इसे करने से पहले किसी जानकार पुजारी या तांत्रिक की सलाह लेना ही उचित रहता है। 
(नोट: यह जानकारी केवल पारंपरिक मान्यताओं और लोक धारणाओं पर आधारित है। किसी भी गंभीर समस्या के लिए योग्य विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।)
मसानी माता (या मसानी मेलडी) से जुड़े गहरे रहस्य उनकी तांत्रिक उत्पत्ति, श्मशान साधना और बुरी नजर या नकारात्मक ऊर्जा से बचाव से जुड़े हैं。 'मसान' शब्द का अर्थ श्मशान होता है, इसलिए उन्हें श्मशान की जागृत देवी या तांत्रिक शक्तियों की अधिष्ठात्री माना जाता है。 
लोक मान्यताओं और तंत्र विज्ञान के अनुसार, उनके रहस्य और स्वरूप के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
कौन हैं मसानी माता?: तांत्रिक परंपरा में इन्हें माँ काली या दुर्गा का ही एक उग्र और प्रचंड रूप माना जाता है, जो नकारात्मक शक्तियों का नाश करती हैं。 दक्षिण भारत में भी इन्हें एक शक्तिशाली ग्राम देवी और महादेवी का अवतार माना जाता है。 
तांत्रिक साधना और मसान क्रिया: इनकी साधना मुख्य रूप से मध्यरात्रि में, सुनसान जगहों या श्मशान में की जाती है。 तांत्रिकों के अनुसार, यह साधना भूत-प्रेत, वशीकरण, तंत्र-मंत्र के प्रभाव (मसान क्रिया) को काटने और शत्रु नाश के लिए की जाती है。 
सुरक्षा और भयमुक्ति: माना जाता है कि जो लोग तंत्र-मंत्र या अज्ञात बाधाओं से पीड़ित होते हैं, वे मसानी माता की पूजा या उनके विशेष 'उतारे' से ठीक हो जाते हैं。 
चेतावनी: तांत्रिक ग्रंथों में यह स्पष्ट किया जाता है कि मसानी माता की साधना और अनुष्ठान अत्यंत उग्र होते हैं। इन्हें केवल किसी योग्य गुरु के मार्गदर्शन में ही करना चाहिए。 

Comments

Popular posts from this blog

व्यापार / पैसे के लिएवशीकरण (Money / BusinessVashikaran)

प्रेम आकर्षण मंत्र ( Vashikaran Mantra for Lover)