Shabar siddhi mantra
Shabar siddhi mantra,
01*मेष राशि का वैदिक मन्त्र-
।।ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मी नारायणाय नमः ||
**साबर मंगल मंत्र**
ll ओम गुरूजी मंगलवार मन कर बन्दा,जन्ममरण का कट जावे फन्दा।जन्म मरण का भागे कार।तो गुरू पावूं मंगलवार। मंगलवार भारद्वाज गोत्र,रक्त वर्ण दस हजार जाप अवन्तिदेश।दक्षिण स्थान त्रिकोण मंडल तीन अंगुल,वृश्चिक मेष राशि के गुरू को नमस्कार।सत फिरे तो वाचा फिरे।पान फूल वासना सिंहासन धरै।तो इतरो काम मंगलवार जी महाराज करे। ओम फट् स्वाहा ll
02*वृष राशि का वैदिक मन्त्र-
।।ॐ गोपालाय उत्तर ध्वजाय नमः ||
**साबर शुक्र मंत्र**
ओम गुरू जी शुक्रवार शुक्राचार।मन धरो धीर। कोई नर नारी वीर।नौ नाड़ी बहत्तर कोठा की रक्षा करे।शुक्रवार भार्गव गोत्र, श्वेत वर्ण सोलह हजार जाप,भोजकट देशपूर्व स्थान,
पंचकोण मंडल ९ अंगुल वृष तुला राशि के गुरू को नमस्कार।
सत फिरे तो वाचा फिरे।पान फूल वासना सिंहासन धरे।
तो इतरो काम शुक्रवार जी महाराज करे। ओम फट् स्वाहा ll
03*मिथुन राशि का वैदिक मन्त्र-
।।ॐ क्लीं कृष्णाय नमः ||
**साबर बुद्ध मंत्र**
ll ओम गुरूजीबुधवार बुध लेकर जूंझे।पॉंच पचीस ले घट में चढ़े। निसाण घुरावे।आवागमन मेंकदे नआवे।।बुध करो शुद्ध,घर सगत पाणी भरे,। बुधवार अत्रि गोत्र,पीत वरण चार हजार जाप मगहद देश,ईशान कोण स्थान।बाणाकारमंडल ४
अंगुल।कन्या मिथुन राशि के गुरूको नमस्कार।।सत फिरे तो वाचाफिरे।। पान फूल वासना सिंहासन धरै।तो इतरो काम बुधवार जी महाराज करे।। ओम फट् स्वाहा ll
Shabar siddhi mantra,
4*कर्क राशि का वैदिक मन्त्र-
।।ॐ हिरण्य गर्भाय अवयक्त रुपिणे नमः ||
**साबर चंद्र मंत्र**
ll ओम गुरूजी सोमवार मनलागी सेन।निरमल काया,पाप न पुण्य अमर बरसाया।जस नजर सोमवार करे।सोमवारअत्रि गोत्र श्वेत वर्ण ग्यारह हजार जाप। जमुना तट देश अग्नि स्थान,चतुर्थ मंडल ४ अंगुल।कर्क राशि के गुरू को नमस्कार।सत फिरे तो वाचा फिरे,पानफूल वासना सिंहासन धरे।तो इतरो काम सोमवार जी महाराज करे।ओम फट् स्वाहा l
05*सिंह राशी का वैदिक मन्त्र-
।।ॐ क्लीं बह्मणे जगदा धाराय नमः ||
**साबर सूर्य मंत्र**
ll ओम गुरूजी दीत दीत महादीत।दूत सिमरू दसो द्वार।
घट मे राखे घेघट पार तो गुरू पावूं दीतवार।दीतवार कश्यप
गोत्र,रक्त वर्ण जाप सात हजार कलिंग देश मध्य स्थान वर्तुलाकार मंडल १२ अंगुल सिंह राशि के गुरू को नमस्कार।सत फिरे तो वाचा फिरे,पीन फूल वासना सिंहासन
धरे, तो इतरो काम दीतवार जी महाराज करेओम फट् स्वाहा
06*कन्या राशि का वैदिक मन्त्र-
।।ॐ नमो प्रीं पीताम्बराय नमः ||
**साबर बुद्ध मंत्र**
ll ओम गुरूजीबुधवार बुध लेकर जूंझे।पॉंच पचीस ले घट में चढ़े। निसाण घुरावे।आवागमन मेंकदे नआवे।।बुध करो शुद्ध,घर सगत पाणी भरे,। बुधवार अत्रि गोत्र,पीत वरण चार हजार जाप मगहद देश,ईशान कोण स्थान।बाणाकारमंडल ४
अंगुल।कन्या मिथुन राशि के गुरूको नमस्कार।।सत फिरे तो वाचाफिरे।। पान फूल वासना सिंहासन धरै।तो इतरो काम बुधवार जी महाराज करे।। ओम फट् स्वाहा ll
Shabar siddhi mantra,
तुला राशि का वैदिक मन्त्र-
।।ॐ तत्व निरंजनाय तारकरामाय नमः ||
**साबर शुक्र मंत्र**
ओम गुरू जी शुक्रवार शुक्राचार।मन धरो धीर। कोई नर नारी वीर।नौ नाड़ी बहत्तर कोठा की रक्षा करे।शुक्रवार भार्गव गोत्र, श्वेत वर्ण सोलह हजार जाप,भोजकट देशपूर्व स्थान,
पंचकोण मंडल ९ अंगुल वृष तुला राशि के गुरू को नमस्कार।
सत फिरे तो वाचा फिरे।पान फूल वासना सिंहासन धरे।
तो इतरो काम शुक्रवार जी महाराज करे। ओम फट् स्वाहा ll
08*वृश्चिक राशि का वैदिक मन्त्र-
।।ॐ नारायणाय सुरसिंहाय नमः ||
**साबर मंगल मंत्र**
ll ओम गुरूजी मंगलवार मन कर बन्दा,जन्ममरण का कट जावे फन्दा।जन्म मरण का भागे कार।तो गुरू पावूं मंगलवार। मंगलवार भारद्वाज गोत्र,रक्त वर्ण दस हजार जाप अवन्तिदेश।दक्षिण स्थान त्रिकोण मंडल तीन अंगुल,वृश्चिक मेष राशि के गुरू को नमस्कार।सत फिरे तो वाचा फिरे।पान फूल वासना सिंहासन धरै।तो इतरो काम मंगलवार जी महाराज करे। ओम फट् स्वाहा ll
09*धनु राशि का वैदिक मन्त्र-
।।ॐ श्रीं देवकृष्णाय ऊर्ध्वषंताय नमः ||
**साबर गुरु मंत्र**
ll ओम गुरूजी बृहस्पतिवार मनमें बसे।पांचो इन्द्रिय बस मे करे।सो निशि घर उग्या भाण। ध्यावो बृहस्पतिवार गंगाका है
सिनान।बृहस्पतिवार अंगिरा गोत्र,पीत वरण उन्नीस हजार जाप सिन्धुदेश उत्तरस्थान, चतुर्थ मंडल ६ अंगुल।धनु मीन राशि केगुरू को नमस्कार।सत फिरे तो वाचा फिरे।पान फूल वासना सिहासन धरे तो इतरो काम बृहस्पतिवारजी महाराज करे। ओम फट् स्वाहा ll
Shabar siddhi mantra,
मकर राशि का वैदिक मन्त्र-
।।ॐ श्रीं वत्सलाय नमः ||
**साबर शनि मंत्र**
llओम गुरूजी थावर वार।थावर आसन थरहरो। पॉंच तत्व
की विद्या करो पॉंच तत्व का साधो करो विचार।तो गुरू पावूं थावर वार शनिवार कश्यप गोत्र कृष्ण वर्ण तेईस हजार जाप सोरठ देश पश्चिम स्थान धनुषाकार मंडल,तीन अंगुल़,मकर कुम्भ राशि के गुरू को नमस्कार।सत फिरे तो वाचा फिरे,पान फूल वासना सिंहासन धरे।तो इतरो काम थावर जी महाराज करे। ओम फट् स्वाहा ll
11*कुम्भ राशि का वैदिक मन्त्र-
।।ॐ श्रीं उपेन्द्राय अच्युताय नमः ||
**साबर शनि मंत्र**
llओम गुरूजी थावर वार।थावर आसन थरहरो। पॉंच तत्व
की विद्या करो पॉंच तत्व का साधो करो विचार।तो गुरू पावूं थावर वार शनिवार कश्यप गोत्र कृष्ण वर्ण तेईस हजार जाप सोरठ देश पश्चिम स्थान धनुषाकार मंडल,तीन अंगुल़,मकर कुम्भ राशि के गुरू को नमस्कार।सत फिरे तो वाचा फिरे,पान फूल वासना सिंहासन धरे।तो इतरो काम थावर जी महाराज करे। ओम फट् स्वाहा ll
12*मीन राशि का वैदिक मन्त्र-
।।ॐ क्लीं उद् धृताय उद्धारिणे नमः ||
**साबर गुरु मंत्र**
ll ओम गुरूजी बृहस्पतिवार मनमें बसे।पांचो इन्द्रिय बस मे करे।सो निशि घर उग्या भाण। ध्यावो बृहस्पतिवार गंगाका है
सिनान।बृहस्पतिवार अंगिरा गोत्र,पीत वरण उन्नीस हजार जाप सिन्धुदेश उत्तर स्थान, चतुर्थ मंडल ६ अंगुल।धनु मीन राशि केगुरू को नमस्कार।सत फिरे तो वाचा फिरे।पान फूल वासना सिहासन धरे तो इतरो काम बृहस्पतिवारजी महाराज करे। ओम फट् स्वाहा ll
Shabar siddhi mantra,
भगवान शिव का मूल मंत्र :-
|| ॐ नमः शिवाय ||
अर्थ : ” हे शिव , मै आपको बार बार नमन करता हूँ ” | भगवान शिव का यह मूल मंत्र सबसे सरल और सबसे लोकप्रिय मंत्र है | और इस मंत्र का उच्चारण कोई भी व्यक्ति कर सकता है | इस मंत्र के उच्चारण के लिए कोई विशेष स्थान या फिर विशेष समय की आवश्यकता नही है | दिखने में यह मंत्र बहुत ही सरल और छोटा प्रतीत होता है किन्तु शिवमहापुराण में दर्शाया गया है कि इस मंत्र के महात्म्य का विस्तार से वर्णन 100 करोड़ वर्षो में भी नहीं किया जा सकता है | इस मंत्र को सभी वेदों का सार तत्व भी माना गया है |
महामृत्युंजय मंत्र :-
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्
उर्वारुकमिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
अर्थ : -” हम त्रिनेत्रधारी शिव से प्रार्थना करते है जिस प्रकार एक ककड़ी पक जाने पर बेल से स्वतः ही मुक्त हो जाती है | उसी प्रकार इस मानव रुपी जीवन को भी जन्म – मरण और पुनर्जन्म के बंधन से मुक्त करें और मोक्ष को प्रदान करें ” | इस मंत्र के नियमित उच्चारण से मृत्यु पर भी विजय प्राप्त की जा सकती है | महामृत्युंजय मंत्र को सभी वैदिक मंत्रो में सबसे बड़ा मंत्र माना गया है |
इस मंत्र के नियमित उच्चारण और श्रवण मात्र से मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है , सभी सांसारिक कष्टों और रोगों से मुक्ति मिलती है | शिवपुराण अनुसार यदि इस मंत्र के सवा लाख जाप किये जाये तो जीवन में आने वाले सभी कष्ट समाप्त होकर मनुष्य दीर्घायु को प्राप्त होता है | महामृत्युंजय मंत्रो का जाप भगवान शिव के मंदिर में शिवलिंग के समक्ष करना श्रेष्ठ होता है(Shiv Mantra in Hindi) |
Shabar siddhi mantra,
महामृत्युंजय गायत्री मंत्र :-
ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्द्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॐ स्वः भुवः ॐ सः जूं हौं ॐ ||
महामृत्युंजय और गायत्री मंत्र दोनों ही मंत्र हिन्दू धरम में सर्वोच्च स्थान रखते है | दोनों में से यदि किसी भी एक मंत्र का सवा लाख जाप किया जाये तो किसी भी इच्छा को पूर्ण किया जा सकता है | हमारे ऋषि मुनिओं ने दोनों मंत्रो को मिलाकर एक मंत्र का निर्माण किया था जिसे मृत संजीवनी मंत्र के नाम से जाना जाता है |
ऐसी मान्यता है कि यदि इस मंत्र का पूर्ण विधि अनुसार प्रयोग किया जाये तो किसी मृत व्यक्ति को भी जीवित किया जा सकता है | इसलिए इस मंत्र का नाम मृत संजीवनी मंत्र रखा गया है | इस मंत्र में असीमित उर्जा का वास है | एक साधारण व्यक्ति इस उर्जा को नियंत्रित नहीं कर सकता है(Shiv Mantra in Hindi) |
रूद्र गायत्री मंत्र : –
ॐ तत्पुरुषाय विदमहे, महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात्।
कभी -कभी जीवन में ऐसी कठिनाइयाँ आ जाती है जो मनुष्य जीवन को नरक बना देती है | ऐसे में मनुष्य के हर काम बिगड़ते चले जाते है | भगवान शिव का यह रूद्र गायत्री मंत्र आपको जीवन में आने वाली सभी कठिनाइयों से छुटकारा दिलाता है | जितना संभव हो सके आप अपने सामर्थ्य अनुसार भगवान शिव के मंदिर जाकर उनकी विधिवत पूजा कर इस मंत्र के जाप करें, सभी परेशानियाँ स्वतः ही दूर होने लगेगी |
Shabar siddhi mantra,
भगवान शिव के अन्य उपासना मंत्र : –
उपरोक्त मंत्रों के अतिरिक्त आप इन मन्त्रों द्वारा भी भगवान शिव को प्रसन्न कर सकते है :
ॐ जुं स:
ॐ हौं जूं स:
ॐ ह्रीं नम: शिवाय
ॐ ऐं नम: शिवाय
ॐ पार्वतीपतये नमः
ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय
Comments
Post a Comment